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Monday, September 3, 2018

जन्माष्टमी के अवसर पर

क्रूर राजा के आठ बंद दरवाजों वाले कारावास में जन्म,  जन्म से पहले ही हत्या के पूरा प्रबंध, पूतना और कालिया द्वारा हत्या के प्रयास के बावजूद एक ग्वाले का दत्तक पुत्र अगर आगे चल कर भगवान बन सकता है, तो कोई वजह नहीं है कि आप अपनी क्षमताओं और संभावनाओं पर एक पल भी संदेह करें। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन एक संदेश है कि आपकी शुरुआत और वर्तमान परिस्थितियों से आपके भविष्य का कोई भी अनुमान लगा कर निराश होने का कोई कारण नहीं है। अगर कृष्ण विषधर नाग के फन पर खड़े होकर भी वंशी बजा सकते है तो निश्चय ही आपके क्रंदन करने की वजह मामूली है। काले रंग के चरवाहे हो कर भी आप प्रियदर्शी और सर्वप्रिय हो सकते हैं। सार्वजनिक रूप से शिशुपाल द्वारा सौ बार अपमानित होने के बाद भी आपका आत्मसम्मान बना रहना चाहिये। निराशा और विपरीत परिस्थितियों के बीच भी अगर साहस और ज्ञान आपके साथ है तो संख्या बल में बीस गुना ज्यादा शत्रु पर भी आपकी विजय संभव है।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं।। जय श्री कृष्ण।।